Raksha Bandhan Celebration with VIP’S

Tying Rakhi to Lok Sabha Speaker Smt. Sumitra Mahajan at Indore

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन जी को राखी बांधते हुए ब्रम्हाकुमारी अनीता दीदी ब्रम्हाकुमारी शकुंतला दीदी एवं ब्रम्हाकुमारी सोनाली बहन साथ ही उन्हें बेहद घर मधुबन आने का ईश्वरीय निमंत्रण दिया l

विश्व बंधुत्व दिवस

विश्व बंधुत्व दिवस के उपलक्ष में इंदौर स्थित ज्ञान शिखर में दादी प्रकाशमणि जी के छायाचित्र पर स्नेह भरी पुष्पांजलि अर्पित की गई साथ ही उनके द्वारा की गई सेवाओं एवं उनसे प्राप्त अविस्मरणीय यादव को सभी के साथ साझा किया गया

स्वतंत्रा दिवस पर्व

इंदौर ओम शांति भवन ज्ञानशिखर में स्वतंत्रा दिवस का पर्व धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रध्वज फहराया गया एवं राष्ट्रगान भी किया गया शहीदों को श्रद्धांजलि मौन में रहकर किया गया

अध्यात्म द्वारा सुखी जीवन एवं शांतिमय समाज

इंदौर , ज्ञानशिखर के ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी सभागार में 10 अगस्त को समाज सेवियो के लिए आध्यात्म द्वारा सुखी जीवन एवं शांतिमय समाज विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
जिसमे मुम्बई से पधारे ब्रह्माकुमारी संतोष दीदी जी(अध्यक्ष समाज सेवी प्रभाग) ने सभी लोगो को संबोधित किया।

ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी शिविर

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तनावमुक्त जीवन             संबंधो में मधुरता 

स्वयं की अनुभूति            क्रोध प्रबंधन  

किसान सशक्तिकरण अभियान प्रशिक्षण शिविर

पर्यावरणकी रक्षा करना हर मानव की जिम्मेवारी है
इंदौर 29 जुलाई ! प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ग्राम विकास प्रभाग द्वारा आयोजित ‘ किसान सशक्तिकरण अभियान ‘ की पूर्व तैयारी हेतु ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश ‘भाईजी‘ सभागृह ज्ञानशिखर ओमशान्ति भवन में आज एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया, जिसमें इंदौर एवं जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर एवं मालवा, निमाण के विभिन्न शहरों के ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़े भाई बहनों ने प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण में माउण्ट आबू से पधारे प्रभाग के क्वार्डिनेटर ब्रह्माकुमार सुमंत भाई ने कहा कि आज संसार में हर मनुष्य अच्छे कार्य कर महान बनना चाहता है, जीवन में सुख शान्ति प्राप्त करना चाहता ह,ै लेकिन परिणाम में देखें तो नकारात्मकता, आपसी मन मुटाव, वैर विरोध, नफरत , सघर्ष बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण अशांति बढ़ रही है। अच्छा स्वास्थ्य चाहते हैं लेकिन शरीर के नये नये रोग बढ़ते जा रहे हैं, इसका मूल कारण आज जो हम अन्न, जल, फल , सब्जियां ग्रहण करते हैं, इसमे शुद्धि नहीं हैं। प्राचीन काल से कहावत

चला आया है जैसा अन्न वैसा मन अर्थात् मन का स्वास्थ्य और रोगों से गहरा कनेक्शन है। मनुष्य के नकारात्मक सोच के कारण पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। प्रकृति मनुष्यों के विचारों को बहुत जल्दी ग्रहण करती हैै। अतः आज आवश्यकता है मन के विचारों को शुद्ध सात्विक बनाकर प्रकृति के तत्वों को शुद्ध बनाने की ।


‘Inspirational Talk for Doctors’ by BK Shivani Behen at Indore- Gyanshikhar

BK Shivani Indore (2)

इन्दौर , 10 जुलाई, 2018 । अब समय है कि चिकित्सक बीमारी को ट्रीट नहीं करे वरन उन्हें ‘हील’ करे । अस्पताल अब मंदिर की तरह सकारात्मक ऊर्जा के केन्द्र बने जहां चिकित्सक स्वयं भी सकारात्मक ऊर्जा की स्थिति में हो । यह सकारात्मकता का वातावरण आपके तथा मरीज और उनके परिजनों में मौजूद भय को समाप्त करते हुए आपसी विष्वास तथा भरोसे में बदलता जायेगा और महिमा और यष पहले की तरह पूज्य हो जायेगा ।
 
आज ज्ञानषिखर के सभाग्रह में ’’हीलींग द हीलर’’ विषय पर बडी संख्या में उपस्थित डाक्टर्स को संबोधित करते हुए अंतराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बी. के. शिवानी ने कहा कि हमें दूसरों से प्रषंसा, सुख ,खुषी, संतुष्टता चाहिये । यही सब दूसरों को भी चाहिए सब एक दूसरे से यही चाहते हैं – यह सब एक रॉयल आत्मा की यह निषानी नहीं है। यदि यह सब नहीं मिलता है तब नाराजगी , असम्मान, तनाव आदि पैदा होता है। इससे जीवन खुषी से भरा हुआ न होकर तनाव से भरा रहता है।
उन्होने कहॉ कि डाक्टरी पेषा दान की प्रवृत्ति का पेषा है । क्योंकि डाक्टर हमेषा बीमार व्यक्तियों को अच्छे स्वास्थ का दान करता है । डाक्टर समाज में बहुत ही सम्मान जनक स्थान रखता है । अतः उच्च विचारों आचरण से युक्त व्यक्तित्व वाला हो ।षिवानी दीदी ने कहॉ कि डाक्टर फीजीकल इन्फेक्षन के साथ -साथ इमोषनल इन्फेक्षन का भी ध्यान रखें । इन्फेक्षन नहीं हो इसके लिए हाथों की धुलाई करते हैं।  इसी तरह भावात्मक रूप से स्वस्थ रहने के लिये मन को अषुध्द विचारों से दूर करे और अपने पर ध्यान दें। 
इससे पूर्व प्रसिध्द सिने अभिनेता सुरेष ओबेराय ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि लगभग सभी बुराईयां मुझमें थी – गुस्सा, अंहकार, झगडालू प्रवृत्ति आदि पर ये सभी बुराईयां परमात्मा का ज्ञान रोज- रोज सुनकर मैं बदल गया । इस सबका श्रेय ईमानदारी से स्वीकार करता हूॅं कि ब्रह्माकुमारीज की रोज सुबह की क्लास जिसे मुरली क्लास कहते हैं, से बदल गया है । इसमें षिवानी बहन की मदद, मार्गदर्षन रहा है । मेडिटेषन आज अब चुनाव नहीं रहा हैं । अब यह मेरी जरूरत हैं।