अव्यक्त पालना का स्वर्णिम महोत्सव

18 जनवरी 2019 प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 50 वी पुण्यतिथि दिवस पर ज्ञान शिखर ओम शांति भवन में शांति स्तंभ की प्रतिकृति के सामने ब्रह्माकुमार भाई बहनों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए आज सारा दिन ब्रम्हाकुमारी के सभी सेवा केंद्रों पर विशेष योग तपस्या का कार्यक्रम चला एवं ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं को स्मरण किया गया।

राजयोगी ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की तृतिय पुण्य तिथि के अवसर पर मीडिया संवाद कार्यक्रम

इंदौर – समाज के मूल्यों में परिवर्तन आया है। उससे पत्रकारिता का क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। अब वह मानवीय मूल्यों के बजाय उपभोक्ता मूल्यों पर अधिक केन्द्रित है पर इसका यह अर्थ नहीं है कि सब कुछ समाप्त हो गया है। एक छोटा सा दीपक भी अंधेरे को मिटाने के लिए काफी होता है। हमें सबको मिलकर कुछ ऐेसा करना होेगा जिससे पत्रकारिता एक अच्छे समाज बनाने की सहयोगी बन सके।

विचारों का यह निष्कर्ष प्रजा पिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मीडिया प्रभाग के पूर्व प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम् इंदौर जोन के निदेशक  स्वर्गीय  ब्रह्माकुमार ओमप्रकाशभाईजी की तृतीय पुण्य तिथि के अवसर पर ज्ञानशिखर सभागार में मूल्य आधारित मीडिया, संभावना और चुनौतियां पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में व्यक्त विचारों का रहा।

पत्रिका के सम्पादक अमित मंडलोई ने कहा कि हमें सिर्फ पतन हो जाने पर ही अपनी चर्चायें केन्द्रित नहीं रखना चाहिये ।हम यह भी देखें कि क्या अच्छा हुआ है। एक व्यक्ति की सकारात्मकता भी अनेक हो जाने की संभावना उसी तरह से रखती है जैसे अंधकार को मिटाने के लिए एक दीपक की उपस्थिति ही काफी होती हैं। कुशाभाऊ ठाकरे राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि पत्रकारिता को अपना उत्तरदायित्व समझना चाहिये। इसके लिए गीता में कई एैसे वचन है जो पत्रकारिता के उद्देश को लेकर सही मायने में रास्ता बताने मे समर्थ है। मीडिया शिक्षा से आजकल नई पीढीं को पत्रकारिता का ज्ञान मिल रहा है यह बात संतोषजनक है।

मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक, इंदौर क्षेत्र, ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने. अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पत्रकारों में बढ रहे तनाव तथा अन्य मनो-शारीरिक रोगों के निवारण के लिए राजयोग को सबसे कारगर उपाय बतलाते हुए कहा कि इससे उनमें अपने सामने आने वाल पतिकूल परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति भी प्राप्त होगी। मूल्यानुगत मीडिया के सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रोफेसर कमल दीक्षित ने मूल्य आधारित मीडिया का समय की जरूरत बताया और कहा कि यदि यह मान लिया गया कि पत्रकारिता केवल व्यवसाय ही है तो आने वाला समय बाजार और उपभोक्ता मूल्यों पर आधारित ही होगा तथा ऐे मूल्यों से बचा नही जा सकेगा।. स्वराज्य एक्सप्रेस के वरिष्ठ विशेष संवाददाता पुष्पेंद्र वैद्य ने अपने उद्बोधन में कहा की, आज हर दिन पत्रकारिता के सामने नई चुनौंतियाँ आ रही है, पत्रकारिता को ग्लॅमरल, पैसा, कमिशन के रूप में देखने वाले लोग आ रहे है, इससे सच्ची पत्रकारिता खतरें में है, पत्रकारिता  में वह जुनन अगर हो तो निश्चित ही आज के संवाद का उद्देश सफल होगा.। संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग तथा रजिष्ट्रार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल ने कहा की मीडिया के बारें में अतिरिक्त चिंतायें जताई जा रही है, मै समझता हूँ सबकुछ नष्ट नही हूआ है, हमें धेर्य सें पत्रकारिता में जो नकारात्मक बातें आ रही है उसका मुकाबला करना चाहिए।

ब्रह्माकुमारीज् मीडिया प्रभाग की गतिविधीयों का परिचय ब्रह्माकुमार गंगाधर, संपादक, ओमशान्ति मीडिया, माऊं ट आबू ने देते हुए कहा की, मीडिया में मूल्यों का प्रवाहन हेतु मीडिया प्रभाग की स्थापना की गई. उसके लिए माऊंट आबू से नित्य नवीन कार्यक्रकमों का उपक्रमों का आयोजन किया जाता है। मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति का परिचय जलगांव कवयित्री बहिणाबाई चैधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्व विद्यालय के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सोमनाथ वडनेरेने देते हुए कहा की, समूचे भारत वर्ष में प्रथम बार मीडिया में मूल्यों का प्रवाहन हेतु काम करने वाली संभवत यह प्रथम संस्था है। अरविंद तिवारी, अध्यक्ष इंदौर प्रेस क्लब ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि, मीडिया को सदैव प्रोत्साहित करने वाले भ्राता ओमप्रकाशभाईजी के पुण्यस्मरण देने हेतु मीडिया संवाद का आयोजन करना ही उनको सही अर्थ से विशेष श्रद्धांजली होगी।

कार्यक्रम में राजयोग की योगानुभूति भोपाल की  ब्रह्माकुमारी डा. रिना बहन, ने करवाइ। कृष्ण गौड़, प्रधान संपादक चरैवेति ने मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम की स्थापना का इतिहास बतायातथा मीडिया संवाद के निष्कर्ष वरिष्ठ पत्रकार जीवन साहू ने प्रस्मुत किया। आभार प्रकटन मूल्यानुगत मीडिया के अध्यक्ष संदीप कुलश्रेष्ठ, उज्जैन ने किया. मंचसंचलन ब्रह्माकुमारी अनिता बहनजी, इंदौर ने किया।

स्मरणांजलि एवं आनन्द सरगम

सादर प्रकाशनार्थ
आनन्द सरगम में शिक्षाप्रद नृत्यनाटिका का मंचन किया गया
स्मरणांजलि में ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी को श्रद्वांजलि दी गई

इंदौर, 24 दिसम्बर 2018 । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा संचालित शक्तिनिकेतन- दिव्य जीवन कन्या छात्रावास के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ” आनन्द सरगम ” में बालिकाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण, समाजिक एवं मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरक संदेश देती प्रस्तुतियां मंचित की गई।
बास्केटबाॅल सटेडियम में कल संध्या आयोजित ”आनन्द सरगम” में प्रकृति के अंधाधंुध दोहन से पर्यावरण को हो रही क्षति को मार्मिक ढ़ंग से प्रस्तुत किया गया। यह मनुष्य की सोच में गिरावट का ही परिणाम है कि स्वर्ण काल में जो प्रकृति दासी की रुप में सेवा करती थी मनुष्य की सोच में गिरावट से वहीं प्रकृति आज विनाशकारी तूफान, प्राकृतिक प्रकोप के रुप में दुखदायी हो गई है। इसके माध्यम से संदेश दिया गया कि अपनी सोच को सकारात्मक बनाये। ऐसे ही शिक्षाप्रद एवं मनोरंजन प्रस्तुति ” रंग में भंग” हास्य नाटिका के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आध्यात्म एवं मेडिटेशन के हमें घोर निराशा के अंधकार से बाहर निकालता हैं इसके अलावा ” अनोखा देश” नामक नृत्य नाटिका में देशभक्ति पूर्ण गीतों पर अधारित नृत्य ”स्वर्णिम युग की ओर ” तथा कई हैरत अंगेज करतबों से युक्त सीढ़ी नृत्य भी बालिकाओं ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के पहले प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इंदौर झोन के पूर्व निदेशक एवं मीडिया प्रभाग के पूर्व अध्यक्ष दिंवगत ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की तृतीय पुण्य तिति के उपलक्ष्य में आयोजित ” स्मरणांजलि ” में भाईजी के व्यक्तित्व एवं कृतिव पर वक्ताओं ने अपने संस्मरण सुनवाये।
ज्ञानमृत मासिक पत्रिका के संपादक ब्रह्माकुमार आत्मप्रकाश जी ने कहा कि भाईजी उनके सहपाठी थे। उन्होनें ही 1957 में ब्रह्माकुमारी संस्था के तत्व ज्ञान से उन्हें अवगत कराया। भाईजी ने कई नवीनता युक्त सेवाओं का सूत्रपात भी किया। दिव्य जीवन कन्या छात्रावास की स्थापना भी विश्व में एकमात्र है जहां पर कि 500 से अधिक कन्याएं प्रशिक्षित होकर ब्रह्माकुमारी के रुप में विश्व में सेवारत रही है।
केन्या, नैरोबी से आयी ब्रह्माकुमारी वेदान्ती दीदी ने भाईजी की याद में विशेष राजयोग मेडिटेशन के प्रकम्पन्न फैलाये।
इन्दौर झोन की निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी जी ने कहा कि भाईजी बहुत ही ईश्वरीय निष्ठावान, साहसी तपस्वी थे। उन्होंने बहुत ही त्याग एवं मेहनत से इंदौर झोन को आगे बढाया है। इंदौर झोन क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता ने भाई जी के व्यक्तित्व का परिचय देते बताया कि उनका जीवन बहुत ही मूल्यनिष्ठ और तपोनिष्ठ था। वे लोगों की विशेषताओं को पहचान उन्हें ईश्वरीय सेवाओं के निमित्त बनाते थे।
कार्यक्रम में बडी़ संख्या में इन्दौर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे जिनमें पूर्व महापौर डा. उमाशशि शर्मा, समाज सेविका आशा विजयवर्गीय , बाबू भाई महिंद पूरवाला , मेडिकेप्स विश्व विद्यालय के कूलपति रमेश मित्तल , अनिल भंड़ारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बिलासपुर की ब्रह्माकुमारी मजू दीदी ने किया।

 

विश्व दिव्यांग दिवस

इंदौर 2 दिसम्बर 2018। हमें कभी यह नहीं समझना चाहिए कि ईश्वर ने किसी के साथ अन्याय किया है। भले किसी के अंदर शारीरिक रूप से किसी अंग की कमी हो या मानसिक रूप  से कमजोर हो। लेकिन उसके अंदर भी कुछ न कुछ विशेष योग्यता अवश्य होती है। अतः हमें शारीरिक व मानसिक कमी को न देख अंतर्निहित क्षमता को पहचान कर उसे अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ना है।

उक्त विचार ओमप्रकाश भाईजी सभागृह ज्ञान शिखर ओम शांति भवन में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में तवलीन फाउंडेशन के संस्थापक डाॅ. गुरमीत सिंह नारंग ने विशेष अतिथि के रूप में रखें। आपने कहां कि विकलांग वह नहीं है जिनके हाथ पैर आँख नहीं है लेकिन विकलांग वह है जो सम्पूर्ण स्वस्थ होते हुए भी जिनके कदम श्रेष्ठ कर्म की ओर अग्रसर नहीं होते हैं।

वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अनिता ने कहां कि उक्त कार्यक्रम यू एन के द्वारा मिली इस वर्ष की थीम दिव्यांग – समानता, संरक्षण और सशक्तिकरण के अंतर्गत पूरे ब्रह्माकुमरी संस्थान में आयोजित किया जा रहा है। आगे आपने कहां कि शारीरिक अक्षमता से ज्यादा मानसिक अक्षमता हमें आगे बढ़ने से रोकती है। दुनिया में कई ऐसे उदाहरण है जिन्होंने शारीरिकअक्षमता के बावजुद दुनिया को बहुत कुछ दिया है। क्योंकि यह शरीर तो साधन मात्र है किंतु इसको चलाने वाली चैतन्य शक्ति आत्मा अगर शक्तिशाली है तो अक्षम शरीर के द्वारा भी ऐसे अद्भूत कार्य कर सकती है जिसे दुनिया चमत्कार कहती है। क्योंकि श्रेष्ठ कार्य करने के लिए स्वस्थ तन नहीं अपितु सुंदर सकारात्मक मन की आवश्यकता है जो परमात्मा ने सभी को एक समान दिया है।

अपने विचार रखते हुए आनंद सर्विस सोसायटी मुक बधिर संगठन के संस्थापक ज्ञानेन्द्र पुरोहित ने कहां कि मुख की भाषा से ज्यादा ताकत कर्म में है और यह दिव्यांग बच्चे कहने के बजाय करके दिखाते हैं। इन्हें भी समाज में आम आदमी की तरह जीने का अधिकार है। इनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना हर इंसान का कर्तव्य होना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिल्पा देसाई ने किया एवं मानसिक सशक्तिकरण के लिए साईन लेग्वेज में राजयोग मेडीटेशन की विधि बताई गई तथा आनंद सर्विस सोसायटी मुक बधिर संगठन के बच्चों द्वारा  मोनोएक्टिंग कर मोबाईल का अधिक उपयोग न करना, शराब पीकर वाहन न चलाना आदि कई संदेश दियें।

विश्व यादगार दिवस

सड़क दुर्घटनाओं में मृत हुए मृतकों को याद किया मेड़िटेशन कर
शांति एवं शक्ति के प्रकम्पन्न फैलाये
* सुरक्षित यात्रा के लिये यातायात के उपयोगी नियमों की जानकारी दी गई
* यातायात के नियमों के पालनार्थ प्रतिज्ञा की
* पीड़ितों की स्मृति में दीप ज्योति प्रज्जवलित की
इंदौर 18 नवम्बर 2018 । विश्व में प्रतिवर्ष लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में असमय अपनी जान गंवा देते है तथा अनेकों लोग चोट लगने से शारीरिक अंगो में फ्रेकचर आदि से पीडित हो जाते है। ऐसे ही दुर्घटनाओं से पीड़ितों की याद में प्रतिवर्ष नवम्बर माह के तिसरे रविवार को विश्व यादगार दिवस के रुप में मनाया जाता है। विशेष राजयोग मेड़िटेशन कर उन दिवंगत एवं अवसाद ग्रस्त आत्माओं के प्रति शांति एवं शक्ति के प्रकम्पन्न प्रेषित किये।

 

चैतन्य देवियो की झांकी

इंदौर महालक्ष्मी नगर सेंटर की और से सरस्वती मंदिर तुलसी नगर में चैतन्य देवियों की झांकी का उदघाटन करते हुए लायंस क्लब के वाईस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अजय सेंगर, तुलसी नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष राजेश तौमर, ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी एवं वरिष्ठ नागरिक एवं ब्रह्माकुमारी बहनें